Khesari Lal Yadav - Dushman Banal Zamana Lyrics | FAST DOWNLOAD

Dushman Banal Zamana

अगर ऐतराज है इस जमाने को दो दीवानो के जीने से ×2
तो ऐ खुदा हतादे इस दिल का सिस्टम सीने से

दुश्मन दुश्मन बनल ज़माना कैसे जी दीवाना x2
अपना भाईल बेगाना हो...× 2
कैसे जीही दीवाना
दुश्मन बनल ज़माना कइसे जी दीवाना x2
अगर गम मोहब्बत पे हावी न होता
तो खुद की कसम मैं सराबी न होता
केहू ना बेवफा ह झूठो सब बदनाम करे
समय के चोट पे मरहम ना कौनो काम करे
ना हम कानी बेफाई ना उ कानी बेफाई
फिर भी होखेला काहे हमानी में ये जुदाई
सब लूट गईल खजाना ×2
कैसे जी ये दीवाना
दुश्मन बनल ज़माना कैसे जी दीवाना x2
टूट कर ना जाने कब का बिखर गया होता
अगर मैं मैं नही पिता तो सायद मार गया होता
रस ना आवे मोहब्बत के जमाना के
कहेला होला बुरा हाल हर दीवाना के
घुट घुट के जहर ऐसन पीता भी पीता कैस
फाटल करेजा आपन
सिहित सिहित कैसन
गम ही बनल तराना
कैसे जिहि दीवाना
दुश्मन बनल ज़माना कैसे जी दीवाना x2

Date Added: 2020-03-26
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